योगीजी मंदिर में महाशिवरात्रि महोत्सव पर सत्संग एवं आध्यात्मिक अनुभवों का भव्य आयोजन

लखनऊ। पावन पर्व महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर योगीजी सेवा समिति के तत्वावधान में योगीजी मंदिर, जानकीपुरम, लखनऊ में भव्य सत्संग एवं आध्यात्मिक अनुभव कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और दिव्य वातावरण के मध्य संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधक, श्रद्धालु एवं समाजसेवियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

सद्गुरु योगीजी की प्रेरणा एवं गुरुदेव ए.के. शुक्ला के मार्गदर्शन में आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन में भगवान शिव की महिमा, तप–सेवा–सुमिरन एवं ध्यान साधना के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डाला गया। शिवरात्रि के उपलक्ष्य में मंदिर परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया तथा भजन-कीर्तन, मंत्रोच्चार एवं शिव स्तुति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने अपने-अपने आध्यात्मिक अनुभव साझा किए। अनेक साधकों ने बताया कि नियमित ध्यान, योग-प्राणायाम एवं प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने से उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। कुछ श्रद्धालुओं ने दीर्घकालीन रोगों से राहत एवं मानसिक शांति प्राप्त होने के अनुभव भी व्यक्त किए।

योगीजी डिवाइन क्योर सेंटर के डॉक्टरों एवं ट्रेनी डॉक्टरों ने अपने उद्बोधन में कहा कि महाशिवरात्रि आत्मचिंतन, संयम और आंतरिक शुद्धि का महापर्व है। उन्होंने बताया कि तप, सेवा और ध्यान के माध्यम से व्यक्ति न केवल रोगमुक्त जीवन की ओर अग्रसर होता है, बल्कि आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त करता है। प्राकृतिक चिकित्सा, योग-प्राणायाम एवं संतुलित दिनचर्या को स्वस्थ एवं सफल जीवन का आधार बताया गया।

सत्संग के उपरांत सामूहिक ध्यान साधना कर विश्व शांति एवं जनकल्याण की प्रार्थना की गई। उपस्थित श्रद्धालुओं ने रात्रि जागरण, शिव आराधना एवं प्रसाद वितरण में सक्रिय सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में समिति के सहयोगी सदस्यों एवं सेवाभावी कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से नन्द किशोर मिश्रा, संजय तिवारी, डॉ. समर्पणा, डॉ. प्रियंका, संध्या मिश्रा, मुदिता शुक्ला, गीतेश मिश्रा, सोनम, संजीव रैना, अमित सक्सेना, पूजा सक्सेना, एम. एल. उप्रेती, राजेश श्रीवास्तव, पवन वर्मा, काजल, रितु वर्मा, विशाल मिश्रा, प्रियंका मिश्रा, पूनम वर्मा, सुधा वर्मा, कृष्णा वर्मा, नीतू सचान, विद्या सचान एवं जे. पी. सचान ने सेवा-भाव से आयोजन को सफल बनाने में सराहनीय योगदान दिया।

यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक ही नहीं, बल्कि समाज में स्वास्थ्य, आध्यात्मिकता एवं सकारात्मक जीवनशैली के जागरण का प्रभावी माध्यम भी सिद्ध हुआ।

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