जागरूकता से आगे बढ़कर वृद्ध दुर्व्यवहार की रोकथाम को प्रभावी बनाना” विषय पर हुआ व्यापक मंथन
लखनऊ। विश्व बुजुर्ग दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर गाइड समाज कल्याण संस्थान एवं लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण वेबिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय था— “जागरूकता से आगे बढ़कर वृद्ध दुर्व्यवहार की रोकथाम को प्रभावी बनाना”।
वेबिनार में न्यायपालिका, प्रशासन, पुलिस, सामाजिक संगठनों, शिक्षाविदों तथा वरिष्ठ नागरिक संगठनों से जुड़े प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने सहभागिता की तथा वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं गरिमापूर्ण जीवन से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम में पूर्व मुख्य न्यायाधीश इलाहाबाद उच्च न्यायालय न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना, पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी, उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक एम. सी. द्विवेदी, पूर्व उपनिदेशक अभियोजन श्री सत्य प्रकाश, लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन के सचिव श्री राहुल दत्त, मानवोदय के संस्थापक डॉ. वरुण विद्यार्थी, विद्युत पेंशनर परिषद उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष एवं मुख्य अभियंता श्री भारत भूषण गोयल, एनजीओ टाइम्स के संपादक श्री अनुपम पाण्डेय तथा समाजशास्त्री डॉ. नीतू बत्रा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में वृद्धजनों के साथ होने वाले शारीरिक, भावनात्मक एवं आर्थिक दुर्व्यवहार के कारणों तथा उनकी रोकथाम के उपायों पर गंभीर चर्चा हुई।
न्यायमूर्ति सुधीर कुमार सक्सेना ने वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित मामलों के त्वरित निस्तारण पर बल देते हुए राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, मध्यस्थता एवं लोक अदालतों के अधिक प्रभावी उपयोग की आवश्यकता बताई।
पूर्व डीजीपी एम. सी. द्विवेदी ने कहा कि पुलिस वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा हेतु निरंतर प्रयास कर रही है, लेकिन अभी और सुदृढ़ तंत्र विकसित करने की आवश्यकता है। उन्होंने विशेष रूप से अकेले रह रहे वरिष्ठ नागरिकों की पहचान और नियमित निगरानी को आवश्यक बताया।
कार्यक्रम के दौरान भारत भूषण गोयल ने आर्थिक शोषण से जुड़ा एक संवेदनशील अनुभव साझा करते हुए वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे वृद्धावस्था में अपनी वित्तीय स्वतंत्रता और बैंकिंग नियंत्रण बनाए रखें तथा आर्थिक शोषण के प्रति जागरूक रहें।
पद्मश्री डॉ. अनिल रस्तोगी ने कहा कि अब केवल जागरूकता कार्यक्रम पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि जमीनी स्तर पर प्रभावी हस्तक्षेप का समय आ गया है। उन्होंने वृद्धाश्रमों की स्थिति सुधारने तथा अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर कठोर कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. वरुण विद्यार्थी ने युवाओं को अनुशासित, कर्मशील और संवेदनशील बनाने पर बल दिया, जबकि श्री राहुल दत्त ने वरिष्ठ नागरिकों के कानूनी अधिकारों की जानकारी साझा की।
डॉ. नीतू बत्रा ने अपने शोध आधारित निष्कर्षों के माध्यम से वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं, जीवनशैली तथा परामर्श सेवाओं की आवश्यकता को रेखांकित किया।
अग्रणी फाउंडेशन एवं एनजीओ टाइम्स के संपादक अनुपम पाण्डेय ने वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान में विशेष भंडारे के आयोजन तथा राष्ट्रीय साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रत्येक माह एक अंक वरिष्ठ नागरिकों के लेखन को समर्पित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि समाज में वरिष्ठजनों के अनुभव, ज्ञान और जीवन-दृष्टि को नई पीढ़ी तक पहुँचाना समय की आवश्यकता है।
गाइड समाज कल्याण संस्थान के अध्यक्ष सुभाष चंद्र ने सांसद एवं विधायक निधि से वरिष्ठ नागरिक कल्याण हेतु संसाधन उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई।
संस्थान की निदेशक डॉ. इंदु सुभाष ने बताया कि उत्तर प्रदेश में 2 करोड़ से अधिक वरिष्ठ नागरिक निवास करते हैं तथा वर्ष 2031 तक उनकी संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। उन्होंने राज्य के सभी 75 जिलों के वरिष्ठ नागरिक संगठनों एवं संस्थाओं को एक साझा मंच पर जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल किराये में पुनः रियायत तथा वृद्धावस्था पेंशन में वृद्धि की मांग भी उठाई।
कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान, सुरक्षा, स्वास्थ्य और गरिमापूर्ण जीवन के लिए समाज, सरकार और सामाजिक संगठनों को मिलकर कार्य करना होगा।
“वरिष्ठजन हमारे अतीत का गौरव, वर्तमान की प्रेरणा और भविष्य के मार्गदर्शक हैं।”
