खादी, ग्रामोद्योग और माटीकला उत्पादों को मिला उपभोक्ताओं का भरपूर समर्थन

योगी सरकार के नेतृत्व में खादी एवं ग्रामोद्योगी प्रदर्शनी का भव्य समापन, उत्कृष्ट कारीगरों को मिले पुरस्कार

10 दिवसीय खादी प्रदर्शनी में कारीगरों-उद्यमियों को मिला विपणन का बड़ा मंच

130 स्टॉलों के साथ आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के संकल्प को मिली नई मजबूती

उत्कृष्ट खादी एवं ग्रामोद्योग स्टॉलों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार

स्वदेशी से समृद्धि की ओर उत्तर प्रदेश

लखनऊ। योगी सरकार की स्वदेशी, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करते हुए उत्तर प्रदेश खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड के तत्वावधान में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, गोमती नगर, लखनऊ परिसर में आयोजित दस दिवसीय मण्डल स्तरीय खादी एवं ग्रामोद्योग उत्पादों की प्रदर्शनी “खादी प्रदर्शनी-2025” का 27 दिसंबर 2025 को भव्य समापन पुरस्कार वितरण समारोह के साथ किया गया। समापन समारोह में अरुण प्रकाश, विशेष सचिव नगर विकास की गरिमामयी उपस्थिति रही।

यह प्रदर्शनी 18 से 27 दिसंबर 2025 तक आमजन के लिए आयोजित की गई, जिसमें खादी, ग्रामोद्योग एवं माटीकला से जुड़े कुल 130 स्टॉल लगाए गए। प्रदर्शनी के दौरान बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने स्वदेशी उत्पादों की खरीदारी की, जिससे स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ और उन्हें विपणन का सशक्त मंच मिला।

समापन अवसर पर खादी एवं ग्रामोद्योग क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कारीगरों, संस्थानों एवं उद्यमियों को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। खादी श्रेणी में कानपुर, फैजाबाद एवं हरदोई की संस्थाओं को उत्कृष्ट गुणवत्ता एवं प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया, जबकि ग्रामोद्योग श्रेणी में हरिद्वार एवं सहारनपुर की इकाइयों को उनके नवाचार, गुणवत्ता और विपणन कौशल के लिए सम्मान मिला। पुरस्कार वितरण से कारीगरों एवं उद्यमियों में उत्साह और आत्मविश्वास का संचार हुआ।

प्रदर्शनी में लेदर उत्पाद, भदोही के कालीन, माटीकला से बने बर्तन एवं सजावटी सामग्री, प्रतापगढ़ का आंवला मुरब्बा, वाराणसी की रेशम एवं सिल्क साड़ियां, राजस्थान के बीकानेरी पापड़ एवं नमकीन, उत्तराखंड के कोट, शॉल व चादरें सहित विविध हस्तशिल्प आधारित उत्पाद उपभोक्ताओं के आकर्षण का केंद्र बने रहे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने, स्वरोजगार सृजन और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के निर्माण की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा आयोजित यह प्रदर्शनी न केवल स्वदेशी उत्पादों के प्रचार-प्रसार का प्रभावी माध्यम बनी, बल्कि कारीगरों को पहचान, सम्मान और बाजार उपलब्ध कराने में भी महत्वपूर्ण सिद्ध हुई।

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