समर्थ भारत–भाऊराव देवरस सेवा न्यास ने एसआर ग्रुप में ब्यूटीशियन एवं वेलनेस प्रशिक्षुओं को बांटे प्रमाण-पत्र
महिला स्वावलंबन और कौशल विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल, 152 प्रशिक्षुओं एवं गणमान्य लोगों की रही उपस्थिति
लखनऊ। महिला स्वावलंबन, कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में समर्थ भारत–भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा संचालित ‘हर हाथ हुनर, हर हाथ रोजगार’ अभियान के तहत बुधवार को एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस (SRGI), बख्शी का तालाब, लखनऊ में भव्य प्रमाण-पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में ब्यूटीशियन एवं वेलनेस का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं एवं युवतियों को प्रमाण-पत्र प्रदान कर उनके हुनर और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों को सम्मानित किया गया।
समारोह में 152 प्रशिक्षुओं एवं गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। प्रमाण-पत्र प्राप्त करने वाली महिलाओं ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित कौशल को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनने का संकल्प व्यक्त किया।
‘हर हाथ हुनर, हर हाथ रोजगार’ बना अभियान का आधार
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और युवतियों को ऐसे व्यावहारिक कौशल से जोड़ना रहा, जिनके माध्यम से वे अपने घर से अथवा स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित कर सकें। ब्यूटीशियन एवं वेलनेस क्षेत्र में बढ़ते रोजगार के अवसरों को देखते हुए प्रशिक्षणार्थियों को इस क्षेत्र से संबंधित आवश्यक व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
समर्थ भारत–भाऊराव देवरस सेवा न्यास का यह प्रयास कौशल विकास को केवल प्रशिक्षण तक सीमित न रखकर उसे रोजगार, स्वरोजगार और महिला आर्थिक सशक्तीकरण से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
डॉ. विवेक ने रखी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की रूपरेखा
कार्यक्रम के प्रारंभ में समर्थ भारत–भाऊराव देवरस सेवा न्यास (उत्तर प्रदेश) के संयोजक डॉ. विवेक ने संस्था द्वारा संचालित विभिन्न हुनर-आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि संस्था का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं एवं युवाओं को व्यावहारिक एवं रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ाना है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। यदि युवाओं और महिलाओं को उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुरूप हुनर प्रदान किया जाए तो वे नौकरी तलाशने के साथ-साथ स्वयं रोजगार का सृजन भी कर सकते हैं।
महिलाओं के लिए स्वरोजगार का प्रभावी माध्यम है ब्यूटी एवं वेलनेस क्षेत्र
समारोह में वक्ताओं ने कहा कि ब्यूटीशियन एवं वेलनेस सेक्टर तेजी से विकसित हो रहा है। इस क्षेत्र की विशेषता यह है कि प्रशिक्षित व्यक्ति सीमित संसाधनों के साथ भी अपना कार्य शुरू कर सकता है। महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद ब्यूटी पार्लर, मेकअप, स्किन एवं हेयर केयर, वेलनेस सेवाओं सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं देकर आय का साधन विकसित कर सकती हैं।
वक्ताओं ने कहा कि एक महिला का आत्मनिर्भर होना केवल उसके व्यक्तिगत जीवन में परिवर्तन नहीं लाता, बल्कि इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। आर्थिक रूप से सक्षम महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं में सहयोग करने के साथ अपने बच्चों की शिक्षा और बेहतर भविष्य में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
प्रमुख अतिथियों ने बढ़ाया प्रशिक्षुओं का उत्साह
समारोह में मंच पर प्रमुख रूप से पवन सिंह चौहान, चेयरमैन, एसआर ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस एवं सदस्य, विधान परिषद, उत्तर प्रदेश, सूर्यकांत, सहायक निदेशक, रोजगार नियोजन, उत्तर प्रदेश सरकार, अश्वनी गर्ग/अश्वनी गुप्ता, उद्योगपति, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अपोलो हॉस्पिटल समूह, सोनल गुप्ता, डॉ. अरुण द्विवेदी एवं संजय राय, समर्थ भारत, तथा सुरेंद्र, सहकार भारती सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अतिथियों ने प्रशिक्षण पूरा करने वाली सभी महिलाओं एवं युवतियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि कौशल विकास के माध्यम से युवाओं और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए समाज के विभिन्न वर्गों को मिलकर काम करने की आवश्यकता है।
प्रमाण-पत्र मिलते ही खिल उठे प्रशिक्षुओं के चेहरे
प्रमाण-पत्र वितरण समारोह कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रहा। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली महिलाओं एवं युवतियों को मंच से प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। प्रमाण-पत्र प्राप्त करते समय प्रशिक्षुओं में उत्साह और आत्मविश्वास दिखाई दिया।
प्रशिक्षुओं ने कहा कि प्रशिक्षण से उन्हें अपने हुनर को निखारने का अवसर मिला है और अब वे इस कौशल का उपयोग रोजगार एवं स्वरोजगार के लिए करना चाहती हैं। कई प्रशिक्षुओं ने इसे अपने लिए नई शुरुआत बताते हुए कहा कि हुनर उन्हें आत्मनिर्भर बनने का रास्ता दिखाता है।
कौशल विकास से आत्मनिर्भर समाज की ओर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश के विकास में कौशलयुक्त मानव संसाधन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। केवल रोजगार उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि युवाओं और महिलाओं को रोजगार प्राप्त करने तथा स्वयं रोजगार खड़ा करने योग्य बनाना भी आवश्यक है।
‘हर हाथ हुनर, हर हाथ रोजगार’ का संकल्प इसी सोच को आगे बढ़ाता है। प्रशिक्षण के माध्यम से व्यक्ति में आत्मविश्वास पैदा होता है और वह अपनी क्षमता के आधार पर आर्थिक गतिविधियों से जुड़ सकता है।
समारोह में इस बात पर भी जोर दिया गया कि महिला सशक्तीकरण का मजबूत आधार आर्थिक आत्मनिर्भरता है। जब महिलाओं के हाथ में हुनर और रोजगार का अवसर आता है तो परिवार, समाज और अर्थव्यवस्था तीनों को मजबूती मिलती है।
प्रशिक्षण से आगे रोजगार की दिशा में प्रयास
समर्थ भारत–भाऊराव देवरस सेवा न्यास द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम प्रशिक्षण प्राप्त कर चुकी महिलाओं को उनके कौशल की औपचारिक पहचान देने के साथ-साथ आगे की संभावनाओं के प्रति प्रोत्साहित करने का माध्यम भी बना। वक्ताओं ने प्रशिक्षुओं से आग्रह किया कि वे प्रशिक्षण के दौरान सीखे कौशल का निरंतर अभ्यास करें और अपने हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए आगे बढ़ें।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने भी कौशल विकास, रोजगार और महिला स्वावलंबन के लिए ऐसे प्रयासों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
समारोह के अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, प्रशिक्षुओं एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। 152 प्रशिक्षुओं की भागीदारी वाला यह आयोजन महिला कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की दिशा में एक सकारात्मक संदेश देते हुए संपन्न हुआ।