CRIH : परिसर में मनाया द्वितीय स्थापना दिवस

लखनऊ। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के द्वितीय स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में “Evidence Based Research in Homoeopathy” विषय पर एक दिवसीय वैज्ञानिक संगोष्ठी का आयोजन अनुसंधान के परिसर में किया गया।

वैज्ञानिक संगोष्ठी की शुरूआत होम्योपैथी के जनक डॉ. सैमुअल हैनीमैन को श्रद्धांजलि अर्पण करके किया गया।

प्रभारी अधिकारी, केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ, डॉ. लिपिपुष्पा देबता ने संगोष्ठी की शुरूआत अपने स्वागत भाषण से किया।

इस संगोष्ठी का उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध, नवाचार और सामाजिक चुनौतियों पर विचार विमर्श करना है। संगोष्ठी में प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञ वक्ताओं ने अपने शोध पत्र एवं व्याख्यान प्रस्तुत किए।

इसमें मुख्य वक्ता डॉ. गिरिश गुप्ता, वरिष्ठ होम्योपैथिक सलाहकार ने अपने विषय “गर्भाशय फाइब्रॉइड पर साक्ष्य आधारित अध्ययन” पर चर्चा की और डॉ. शैलेन्द्र कुमार सक्सेना, प्रोफेसर एवं हेड सेन्टर ऑफ एडवांस रिसर्च फैक्लटी ऑफ मेडिसिन, के.जी.एम.यू., लखनऊ ने अपने विषय “महामारी इन्फ्लूएंजा ए (H1N1) उभरते रुझान और होम्योपैथिक चिकित्सा पेशेवरों के लिए प्रासंगिकता” पर चर्चा की।

संगोष्ठी मे अतिथि के रूप में प्रो.डॉ. एजाज अजीज सुलेमान, प्राचार्य, जी.सी. होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ, और डॉ. एस.के.शर्मा रिटायर्ड, अनुसंधान अधिकारी, वैज्ञानिक 4, सी.आर.आई.(एच), लखनऊ भी उपस्थित थे। इस संगोष्ठी में जी.सी. होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ और राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ के व्याख्याताओं और होम्योपैथिक विधा में राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, लखनऊ से एम.डी. कर रहे छात्रों ने भाग लिया। केन्द्रीय होम्योपैथी अनुसंधान संस्थान, लखनऊ के अनुसंधान अधिकारी डॉ. रेनू बाला, डॉ. अमित श्रीवास्तव और डॉ. प्रतिभा शिवहरे ने सीनियर और जूनियर रिसर्च फेलो के साथ संगोष्ठी में भाग लिया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. दिव्या वर्मा, अनुसंधान अधिकारी के द्वारा धन्यवाद प्रस्तुत किया गया तथा आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजन समिति के प्रति आभार व्यक्त किया।

 

 

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