एकेटीयू और डॉ0 राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान मिलकर करेंगे अनुसंधान और शोध

 

एकेटीयू चिकित्सा पद्धति में नई तकनीकी के उपयोग में करेगा मदद

 

डा. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय और डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान मिलकर चिकित्सा के क्षेत्र में शोध और अनुसंधान करेंगे। नई तकनीकी का प्रयोग कर चिकित्सा पद्धति को और आसान बनाने पर जोर दिया जाएगा। ताकि जटिल बीमारियों का आसान इलाज संभव हो सके। इस कार्य में एकेटीयू आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, थ्री डी प्रिंटिंग, नैनो टेक्नोलॉजी जैसी नई उभरती तकनीकी के जरिये सहयोग प्रदान करेगा।

विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ इन तकनीकी के उपयोग में मदद करेंगे। इस बाबत दोनों संस्थानों के बीच मंगलवार को एमओयू हुआ। समझौता ज्ञापन पर कुलपति प्रो.जे.पी. पाण्डेय एवं डा. आरएमएलआईएमएस के निदेशक डॉ. सी.एम. सिंह ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत अनुसंधान एवं विकास के क्षेत्र में संयुक्त उद्यम स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।

 

साथ ही सहयोग का उद्देश्य समाज और राष्ट्र के कल्याण के लिए उन्नत प्रौद्योगिकियों में अनुसंधान परियोजनाओं, तकनीकी सेमिनार, कार्यशालाओं और फैकल्टी डेवलममेंट कार्यक्रमों आयोजित किये जाएंगे। साथ ही शिक्षकों और छात्रों को नई तकनीकी से लैस करने में भी मदद मिलेगी। जिससे सार्वजनिक स्वास्थ्य और संबद्ध क्षेत्रों में उन्नत प्रौद्योगिकी के विकास में योगदान मिलेगा।

मिलेगा दूरगामी परिणाम

एकेटीयू और डॉ. आरएमएलआईएमएस के बीच हुए इस समझौते से भविष्य में चिकित्सा के क्षेत्र में काफी लाभ मिलेगा। साथ ही इसके सकारात्मक दूरगामी परिणाम निकलेंगे। चिकित्सा में नई तकनीकी के प्रयोग से न केवल इलाज आसान बनेगा बल्कि सस्ता भी होगा। इसका सीधा फायदा आम जन को मिलेगा। दोनों संस्थान तकनीकी का आदान-प्रदान करेंगे।

 

इस दौरान प्रमुख रूप से एकेटीयू के वित्त अधिकारी केशव सिंह, डीन-आरएमएलआईएमएस, प्रो. (डा.) प्रद्युम्न सिंह, डीन, रिसर्च एण्ड डेवलपमेण्ट-एकेटीयू प्रो. भावेश कुमार चौहान, कार्यकारी कुलसचिव- आरएमएलआईएमएस प्रो. डा. सुब्रत चन्द्रा एवं एसो. डीन इनोवेशन एकेटीयू डा. अनुज कुमार शर्मा मौजूद रहे।

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