लखनऊ। राजधानी के पहले संगीत और सांस्कृतिक महोत्सव बोहो फेस्ट के दूसरे दिन, कल्याण सिंह उप निदेशक, प्रदेश पर्यटन विभाग ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने बोहो फेस्ट को लखनऊ शहर और पूरे प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक पहल बताया।
प्रेस को संबोधित करते हुए कल्याण सिंह ने कहा कि बोहो फेस्ट जैसे आयोजन राज्य में सांस्कृतिक पर्यटन को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाते हैं और प्रदेश को एक ऐसे गंतव्य के रूप में प्रस्तुत करते हैं, जहाँ परंपरा और आधुनिक सांस्कृतिक अभिव्यक्ति साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमितेश आहूजा बोहो फेस्ट के फेस्टिवल डायरेक्टर, ने भी मीडिया से संवाद किया। उन्होंने बताया कि बोहो फेस्ट को केवल एक संगीत महोत्सव के रूप में नहीं, बल्कि संगीत, कला, वेलनेस, खान-पान और सामुदायिक अनुभवों को एक साथ लाने वाले सांस्कृतिक मंच के रूप में कल्पित किया गया है।
आहूजा ने प्रदेश सरकार और पर्यटन विभाग का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सहयोग ने बोहो फेस्ट की सोच को आकार देने और उसे सफलतापूर्वक साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने कहा कि बोहो फेस्ट उत्तर प्रदेश की उभरती सांस्कृतिक पहचान को दर्शाता है—जो अपनी जड़ों से जुड़ी हुई है, लेकिन नए विचारों और अनुभवों को अपनाने के लिए भी तैयार है।
सरकारी सहयोग और जनता की उत्साहपूर्ण भागीदारी के साथ, बोहो फेस्ट लखनऊ को संगीत, संस्कृति और अनुभवात्मक पर्यटन के एक नए केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।